Monday, February 16, 2026


 “अभी न होगा मेरा अंत,
अभी-अभी तो आया है
मेरे जीवन में मधुर वसंत।



प्यारे बच्चों,
आज हम हिंदी साहित्य के एक महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती के अवसर पर उन्हें याद करने के लिए एकत्रित हुए हैं। उनका जन्म 16 फरवरी 1896 को हुआ था। वे छायावाद युग के प्रमुख कवियों में से एक थे और उन्होंने हिंदी साहित्य को एक नई दिशा दी।

बच्चों, निराला जी केवल एक कवि ही नहीं थे, बल्कि वे एक संवेदनशील और साहसी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने अनुभवों और भावनाओं को कविताओं के माध्यम से व्यक्त किया। उनकी रचनाओं में प्रकृति प्रेम, मानवता और सामाजिक न्याय की भावना स्पष्ट दिखाई देती है।

उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई। उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ आज भी हमें सोचने और समझने की प्रेरणा देती हैं। उनकी भाषा सरल होने के साथ-साथ गहरी भावनाओं से भरी होती थी, इसलिए उनकी कविताएँ सीधे हृदय को स्पर्श करती हैं।

प्यारे विद्यार्थियों, निराला जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, हमें अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। हमें भी उनकी तरह सत्य, साहस और रचनात्मकता को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

आइए, उनकी जयंती पर हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने जीवन में मेहनत, ईमानदारी और संवेदनशीलता को स्थान देंगे और साहित्य तथा ज्ञान के माध्यम से समाज को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।

Monday, February 9, 2026

 

The Importance of Time Management


Time is one of the most valuable resources we have. Every day offers twenty-four hours, and how we choose to use them shapes our productivity, success, and overall well-being. Time management is the skill of planning and organizing tasks so that we can make the best use of our available time.

Managing time effectively helps reduce stress and increases efficiency. When tasks are planned properly, there is less confusion and fewer last-minute pressures. Instead of feeling overwhelmed, a person can work with clarity and confidence. This leads to better results in studies, professional life, and personal responsibilities.

One of the key elements of time management is setting clear goals. When goals are specific, it becomes easier to decide which tasks are most important. Creating a daily schedule or to-do list can help in organizing activities. Prioritizing important tasks, avoiding unnecessary distractions, and completing work step by step are practical ways to stay on track.

Time management also creates balance. It allows space not only for work but also for rest, hobbies, family, and self-care. A well-planned day brings a sense of control and satisfaction.

In conclusion, time once gone can never be recovered. Learning to manage it wisely is a lifelong skill that leads to productivity, peace of mind, and success. By valuing time and using it thoughtfully, anyone can achieve their goals and build a more organized life.


Monday, February 2, 2026

READING PROMOTION WEEK -3


पठन प्रोत्साहन सप्ताह 

 पठन प्रोत्साहन सप्ताह के अंतर्गत विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि विकसित करने हेतु चयनित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस दौरान पठन के महत्व को दर्शाने हेतु विद्यार्थियों द्वारा एक प्रभावशाली नाटक (स्किट) प्रस्तुत किया गया, जिससे पुस्तकों के जीवन में महत्व को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया गया। कक्षा 6 के विद्यार्थियों के बीच हस्तलेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने सुंदर एवं स्पष्ट लेखन का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त कविता पाठ  आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ भावपूर्ण काव्य प्रस्तुति दी। साथ ही विद्यार्थियों के ज्ञान एवं पठन-समझ को परखने हेतु प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में पठन के प्रति उत्साह एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ।
















Thursday, January 15, 2026

 

भारतीय सेना दिवस: निःस्वार्थ सेवा, साहस और मानवता का प्रतीक



भारतीय सेना दिवस प्रत्येक वर्ष 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन हमारे देश की भारतीय थल सेना को सम्मान देने का अवसर है, जो दिन-रात सीमाओं की रक्षा करते हुए देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा ने भारतीय सेना के प्रथम भारतीय सेनाध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया था। इसी ऐतिहासिक स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।

भारतीय सेना केवल हथियारों और युद्धक रणनीतियों की पहचान नहीं है, बल्कि यह त्याग, अनुशासन, कर्तव्य और मानवता की जीवंत मिसाल है। जब हम सुरक्षित अपने घरों में सोते हैं, तब हमारे सैनिक बर्फीली चोटियों, तपते रेगिस्तानों और घने जंगलों में देश की रक्षा में तैनात रहते हैं। उनका जीवन कठिनाइयों से भरा होता है, फिर भी उनके चेहरे पर देश के प्रति गर्व और सेवा का भाव झलकता है।

युद्ध के समय ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़, भूकंप, महामारी और राहत कार्यों में भी भारतीय सेना सबसे पहले मदद के लिए आगे आती है। संकट में फँसे नागरिकों को सुरक्षित निकालना, भोजन और दवाइयाँ पहुँचाना—ये सभी कार्य सेना के मानवीय पक्ष को दर्शाते हैं। यही कारण है कि भारतीय सेना देशवासियों के दिलों में विशेष स्थान रखती है।

भारतीय सेना दिवस हमें यह सोचने का अवसर देता है कि स्वतंत्रता और शांति कितनी कीमती हैं और इन्हें बनाए रखने के लिए कितने परिवार अपने प्रियजनों को देश सेवा के लिए समर्पित करते हैं। यह दिन केवल परेड और सम्मान का नहीं, बल्कि कृतज्ञता और संवेदना व्यक्त करने का दिन है।

पुस्तकालय के रूप में हमारा दायित्व है कि हम युवाओं को सेना के इतिहास, वीरता गाथाओं और मूल्यों से परिचित कराएँ, ताकि उनमें देशभक्ति, जिम्मेदारी और मानवता की भावना विकसित हो।
भारतीय सेना दिवस हमें याद दिलाता है कि सच्ची शक्ति हथियारों में नहीं, बल्कि सेवा, बलिदान और मानवीय मूल्यों में निहित होती है।