- Home
- KVS (HQ) NEW DELHI
- KVS RO AGRA
- CONTACT US
- LIBRARY COMMITTEE
- ALAP
- LIBRARY RULES
- ONLINE MAGAZINES
- ONLINE READING
- CAREER GUIDENCE
- STUDENT CORNER
- NATIONAL DIGITAL LIBRARY
- LIBRARY STATISTICS (2025-26)
- CARRICULAM 2025-26
- FLIP BOOK
- NCERT
- TEACHER CORNER
- MODAL QUESTION PAPER CLASS 9-12
- E BOOKS FOLK TALES
- CBSE
- VIDYA PRAVESH
- PERSONALITY DEVELOPMENT
- SCIENCE CORNER
- SCHOOL PROJECT WEBSITES
- BARKHA SERIES
- MAJEDAR HAI GANIT
- SUNO KAHANI BY NCERT
- PHONICS WORKSHEET
- CAREER CARD BY NCERT
- ADULT EDUCATION
- Guidelines for Mangement of Libraries - 2025
- GALLERY
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020
- DIGITAL STORY TELLING
- KVS SPORTS PORTAL
- KVCIRCULARS
- PROVISIONAL SENIORITY LIST OF LIBRARIANS AS ON 01.01.2023
Monday, March 9, 2026
Monday, March 2, 2026
Monday, February 23, 2026
World Thinking Day 2026
World Thinking Day is celebrated on 22 February every year. It is a special day for Girl Guides and Girl Scouts all over the world. The day is guided by the World Association of Girl Guides and Girl Scouts (WAGGGS) and encourages young people to think about global issues like friendship, equality, and helping others.
On World Thinking Day, students and Guide groups take part in activities such as school assemblies, discussions on important topics, service projects, and cultural programs. These activities help children learn about different countries, respect diversity, and develop leadership and teamwork skills.
World Thinking Day teaches us that even small ideas and actions can make a big difference in the world when we work together with kindness and understanding.
Monday, February 16, 2026
“अभी न होगा मेरा अंत,
अभी-अभी तो आया है
मेरे जीवन में मधुर वसंत।
प्यारे बच्चों,
आज हम हिंदी साहित्य के एक महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती के अवसर पर उन्हें याद करने के लिए एकत्रित हुए हैं। उनका जन्म 16 फरवरी 1896 को हुआ था। वे छायावाद युग के प्रमुख कवियों में से एक थे और उन्होंने हिंदी साहित्य को एक नई दिशा दी।
बच्चों, निराला जी केवल एक कवि ही नहीं थे, बल्कि वे एक संवेदनशील और साहसी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने अनुभवों और भावनाओं को कविताओं के माध्यम से व्यक्त किया। उनकी रचनाओं में प्रकृति प्रेम, मानवता और सामाजिक न्याय की भावना स्पष्ट दिखाई देती है।
उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई। उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ आज भी हमें सोचने और समझने की प्रेरणा देती हैं। उनकी भाषा सरल होने के साथ-साथ गहरी भावनाओं से भरी होती थी, इसलिए उनकी कविताएँ सीधे हृदय को स्पर्श करती हैं।
प्यारे विद्यार्थियों, निराला जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, हमें अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। हमें भी उनकी तरह सत्य, साहस और रचनात्मकता को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
आइए, उनकी जयंती पर हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने जीवन में मेहनत, ईमानदारी और संवेदनशीलता को स्थान देंगे और साहित्य तथा ज्ञान के माध्यम से समाज को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।
